Pariksha Pe Charcha Contest Registration Link और भागीदारी की पूरी जानकारी

0 Divya Chauhan
Pariksha Pe Charcha Contest 2026 छात्रों के लिए संवाद कार्यक्रम

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 वह मंच है, जिसका हर छात्र पूरे साल इंतज़ार करता है। इस कार्यक्रम में देश के माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi छात्रों से सीधे संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा के तनाव को कम करना और पढ़ाई को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने में मदद करना है।

इस संवाद में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि माता-पिता और शिक्षक भी शामिल होते हैं। वे भी अपनी बात रख सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि बच्चों को परीक्षा के समय किस तरह का सहयोग चाहिए। यह कार्यक्रम छात्रों के सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में मार्गदर्शन देता है।

Pariksha Pe Charcha का आठवां संस्करण सभी के लिए खुला है। भाग लेने की प्रक्रिया सरल है और इसे ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जा सकता है। छात्र, अभिभावक और शिक्षक अपनी-अपनी श्रेणी के अनुसार इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

कौन कर सकता है Pariksha Pe Charcha Contest 2026 में भाग

  • कक्षा 6 से 12 तक के सभी स्कूल छात्र
  • कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के अभिभावक
  • स्कूल शिक्षक

छात्र प्रधानमंत्री से सीधे प्रश्न पूछ सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने सवाल अधिकतम 500 अक्षरों में लिखने होते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी अलग-अलग ऑनलाइन गतिविधियाँ तय की गई हैं, जिनके माध्यम से वे अपनी भागीदारी दर्ज कर सकते हैं।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 की महत्वपूर्ण तिथियाँ

विवरण तिथि
ऑनलाइन पंजीकरण शुरू 1 दिसंबर 2025
ऑनलाइन पंजीकरण समाप्त 11 जनवरी 2026

निर्धारित तिथि के भीतर पंजीकरण करना आवश्यक है। अंतिम तिथि के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 के लिए पंजीकरण लिंक

पंजीकरण और भागीदारी के लिए आधिकारिक पोर्टल का उपयोग किया जाता है। नीचे दी गई श्रेणियों के अनुसार अलग-अलग लिंक उपलब्ध हैं।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 छात्रों के लिए सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर है। सही समय पर पंजीकरण करके इस अनोखे संवाद का हिस्सा बना जा सकता है।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 में भाग लेने की प्रक्रिया को इस तरह बनाया गया है कि कोई भी छात्र, अभिभावक या शिक्षक खुद को अलग या पीछे न महसूस करे। कई बार प्रतियोगिता शब्द सुनते ही यह डर लगता है कि शायद यह केवल चुनिंदा लोगों के लिए होगी, लेकिन इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिल्कुल उलटा है। यहां ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जोड़ने पर ज़ोर दिया जाता है।

छात्रों के लिए भागीदारी का तरीका

कक्षा 6 से 12 तक के छात्र इस प्रतियोगिता में सीधे भाग ले सकते हैं। उन्हें केवल ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है और अपना सवाल दर्ज करना होता है। सवाल वही होना चाहिए जो उनके मन में परीक्षा, पढ़ाई या भविष्य को लेकर चलता रहता है।

छात्रों को अपने प्रश्न अधिकतम 500 अक्षरों में लिखने होते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि छात्र अपनी बात साफ और सरल शब्दों में रखें। लंबे और उलझे हुए सवाल अक्सर मुख्य बात से भटक जाते हैं।

  • सवाल सरल और स्पष्ट रखें
  • अपनी वास्तविक परेशानी पर ध्यान दें
  • कॉपी किए हुए प्रश्न न लिखें
  • अपने अनुभव से जुड़ा सवाल रखें

जो सवाल दिल से लिखा जाता है, वही सबसे ज़्यादा असर छोड़ता है।

शिक्षक के माध्यम से छात्र कैसे भाग ले सकते हैं

कई छात्रों के पास इंटरनेट, ईमेल या मोबाइल फोन की सुविधा नहीं होती। ऐसे छात्रों के लिए शिक्षक के माध्यम से भाग लेने का विकल्प दिया गया है। इसमें शिक्षक छात्र की जानकारी दर्ज करते हैं और उनके सवाल को पोर्टल पर अपलोड करते हैं।

यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों और सीमित संसाधनों वाले छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी छात्र को सिर्फ सुविधा की कमी के कारण इस अवसर से वंचित न होना पड़े।

शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वे छात्रों को सवाल लिखने में मार्गदर्शन दें, लेकिन सवाल पूरी तरह छात्र का ही होना चाहिए। इससे छात्र की सोच और भावना सही रूप में सामने आती है।

अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अलग सहभागिता

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। अभिभावक और शिक्षक भी इसमें भाग ले सकते हैं। उनके लिए अलग ऑनलाइन गतिविधियाँ और फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं।

अभिभावक अपनी भूमिका को लेकर अपने विचार साझा कर सकते हैं। वे यह बता सकते हैं कि परीक्षा के समय बच्चों को किस तरह का सहयोग सबसे ज़्यादा मददगार होता है। इससे एक सकारात्मक पारिवारिक वातावरण बनाने की सोच को बढ़ावा मिलता है।

शिक्षक भी अपने अनुभव साझा करते हैं। वे यह बताते हैं कि छात्रों पर बढ़ते दबाव को कैसे कम किया जा सकता है और कक्षा में पढ़ाई को कैसे रोचक बनाया जा सकता है।

  • अभिभावक बच्चों के तनाव पर अपने विचार रख सकते हैं
  • शिक्षक शिक्षण से जुड़े अनुभव साझा कर सकते हैं
  • दोनों समूह छात्रों के लिए सहयोगी वातावरण पर ज़ोर देते हैं

जब छात्र, शिक्षक और अभिभावक एक साथ सोचते हैं, तभी परीक्षा का दबाव सच में कम होता है।

प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद क्या होता है

पंजीकरण और सवाल जमा करने के बाद चयन की प्रक्रिया होती है। सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ा जाता है। जो सवाल ज़्यादा छात्रों की भावना को दर्शाते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है।

चयनित छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलता है। बाकी छात्रों के लिए भी यह सीखने की प्रक्रिया होती है, क्योंकि उन्हें यह समझ आता है कि किस तरह के सवाल प्रभावी होते हैं।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 का यह चरण छात्रों को धैर्य और सकारात्मक सोच सिखाता है। यहां जीत या हार से ज़्यादा महत्वपूर्ण सीख होती है।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह समझना है कि इस मंच से वास्तविक रूप में क्या सीख मिलती है। बहुत से छात्र इसे केवल एक प्रतियोगिता मान लेते हैं, जबकि इसका असली उद्देश्य सोच को बदलना है। यहां परीक्षा को डर के रूप में नहीं, बल्कि आत्मविकास के अवसर के रूप में देखने की दिशा मिलती है।

चयन प्रक्रिया को लेकर वास्तविकता

अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि चयन कैसे होता है और क्या सभी छात्रों को मंच पर आने का अवसर मिलता है। सच्चाई यह है कि हर सवाल को गंभीरता से पढ़ा जाता है। चयन केवल भाषा या शब्दों के आधार पर नहीं होता, बल्कि भावना और प्रासंगिकता को देखा जाता है।

जो सवाल ज़्यादा छात्रों की सामूहिक चिंता को दर्शाते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि बाकी सवाल बेकार होते हैं। हर सवाल यह दिखाता है कि छात्र किस तरह सोच रहे हैं और किन समस्याओं से जूझ रहे हैं।

चयन से ज़्यादा महत्वपूर्ण है सवाल लिखने की प्रक्रिया, क्योंकि वही आत्ममंथन कराती है।

छात्रों के लिए उपयोगी सुझाव

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 में भाग लेते समय छात्रों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, दूसरों की नकल करने से बचें। जो सवाल आपके मन में है, वही लिखें। वही सवाल सबसे प्रभावी होता है।

दूसरा, अपने सवाल को बोझिल न बनाएं। सरल शब्दों में कही गई बात ज़्यादा गहराई रखती है। जटिल भाषा कई बार संदेश को कमजोर कर देती है।

  • अपने अनुभव से जुड़ा सवाल लिखें
  • डर या संकोच महसूस न करें
  • परीक्षा को जीवन का अंत न समझें
  • सीखने की भावना रखें

अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका

इस कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कई बार छात्र खुद अपनी परेशानी शब्दों में नहीं रख पाते। ऐसे में अभिभावक और शिक्षक उनका मार्गदर्शन कर सकते हैं।

अभिभावकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि परीक्षा के समय बच्चों पर किस तरह का मानसिक दबाव होता है। वहीं शिक्षक यह साझा कर सकते हैं कि पढ़ाई को कैसे सहज और रुचिकर बनाया जा सकता है।

जब घर और स्कूल दोनों साथ सोचते हैं, तभी छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करता है।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 से मिलने वाली सीख

इस मंच से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख यह है कि असफलता कोई अपराध नहीं है। गलतियाँ सीखने का हिस्सा हैं। जब यह बात छात्र समझ लेते हैं, तो उनका डर अपने आप कम हो जाता है।

यह कार्यक्रम छात्रों को यह भी सिखाता है कि जीवन केवल अंकों तक सीमित नहीं है। आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच उतनी ही ज़रूरी है जितनी पढ़ाई।

Pariksha Pe Charcha Contest 2026 अंत में एक संदेश देता है। परीक्षा आएगी और जाएगी, लेकिन सीख हमेशा साथ रहेगी। जो छात्र इस भावना को समझ लेता है, वही असली विजेता बनता है।

  • परीक्षा को अवसर की तरह देखें
  • खुद पर भरोसा रखें
  • तुलना से बचें
  • सीखने की प्रक्रिया का आनंद लें

इस तरह Pariksha Pe Charcha Contest 2026 सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोच बदलने की पहल है। जो छात्र, अभिभावक और शिक्षक इसे इस नज़र से देखते हैं, उनके लिए यह अनुभव जीवनभर की सीख बन जाता है।

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