Shadowfax IPO इन दिनों काफी चर्चा में है। जनवरी 2026 में ये आईपीओ मार्केट में आने वाला है। कंपनी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। 😮 ई-कॉमर्स डिलीवरी में शैडोफैक्स का नाम अच्छा खासा है। अब कंपनी पब्लिक होने जा रही है। निवेशकों के लिए ये बड़ा मौका हो सकता है।
Shadowfax Technologies एक टेक बेस्ड लॉजिस्टिक्स कंपनी है। ये थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स सर्विस देती है। मतलब दूसरे बिजनेस की डिलीवरी हैंडल करती है। फ्लिपकार्ट, मीशो, स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स इसके क्लाइंट्स हैं। कंपनी का फोकस क्विक डिलीवरी पर है। हाइपरलोकल और एक्सप्रेस सर्विस में मजबूत पकड़।
आईपीओ से कंपनी करीब 1907 करोड़ रुपए जुटाएगी। इसमें फ्रेश इश्यू 1000 करोड़ का होगा। बाकी ऑफर फॉर सेल से आएगा। प्राइस बैंड 118 से 124 रुपए रखा गया है। ये बुक बिल्ट इश्यू है। मतलब क्वालिफाइड इन्वेस्टर्स की डिमांड से प्राइस फाइनल होगा।
आईपीओ की टाइमलाइन और मुख्य डिटेल्स 📅
आईपीओ 20 जनवरी 2026 को ओपन होगा। 22 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन चलेगा। एंकर इन्वेस्टर्स एक दिन पहले यानी 19 जनवरी को बिड कर सकते हैं। अलॉटमेंट 23 जनवरी को फाइनल होगा। रिफंड 27 जनवरी को। क्रेडिट डीमैट में भी 27 को। लिस्टिंग 28 जनवरी को BSE और NSE पर।
ये डेट्स काफी महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि जनवरी में मार्केट आमतौर पर अच्छा रहता है। नए साल की शुरुआत में निवेशक एक्टिव होते हैं। शैडोफैक्स का आईपीओ इसी टाइमिंग का फायदा उठा सकता है।
कंपनी का फेस वैल्यू 10 रुपए प्रति शेयर है। कुल इश्यू साइज लगभग 1907 करोड़। फ्रेश इश्यू से कंपनी अपने बिजनेस को एक्सपैंड करेगी।
ऑफर फॉर सेल में 7.3 करोड़ से ज्यादा शेयर्स बिकेंगे। पुराने इन्वेस्टर्स बाहर निकलेंगे।
| डिटेल | विवरण |
|---|---|
| ओपन डेट | 20 जनवरी 2026 |
| क्लोज डेट | 22 जनवरी 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹118 से ₹124 |
| मिनिमम लॉट | 120 शेयर्स (≈ ₹14,880) |
| अलॉटमेंट डेट | 23 जनवरी 2026 |
| लिस्टिंग डेट | 28 जनवरी 2026 |
रिजर्वेशन की बात करें तो QIB को 75% हिस्सा। HNI को 15%। रिटेल इन्वेस्टर्स को 10%। ये स्टैंडर्ड है। लेकिन रिटेल पोर्शन छोटा होने से कंपटीशन ज्यादा हो सकता है।
रिटेल के लिए मैक्सिमम 13 लॉट तक अप्लाई कर सकते हैं। यानी करीब 1.93 लाख रुपए तक। S-HNI के लिए 14 लॉट मिनिमम। B-HNI अलग कैटेगरी।
अप्लाई कैसे करें और लॉट साइज की डिटेल 💰
अप्लाई करना आसान है। ASBA के जरिए बैंक से। या UPI से ब्रोकर के थ्रू। ऑफलाइन फॉर्म भी भर सकते हैं। डीमैट अकाउंट जरूरी है।
लॉट साइज 120 शेयर्स का। ऊपरी बैंड पर 124 रुपए मानें तो एक लॉट की कीमत 14,880 रुपए। रिटेल ज्यादा से ज्यादा 13 लॉट लगा सकता है।
HNI के लिए अलग रूल्स। अगर 2 लाख से ज्यादा अप्लाई करें तो HNI कैटेगरी में आएंगे। वहां अलॉटमेंट लॉटरी कम होती है।
- रिटेल मिनिमम: 1 लॉट – ₹14,880
- रिटेल मैक्सिमम: 13 लॉट – ₹1,93,440
- S-HNI मिनिमम: 14 लॉट – ₹2,08,320
- B-HNI मिनिमम: 68 लॉट – ₹10 लाख से ज्यादा
- QIB: बड़ा पोर्शन, संस्थागत निवेशक
कंपनी के प्रोमोटर्स अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। प्री-इश्यू होल्डिंग 19% के आसपास। पोस्ट इश्यू कम हो जाएगी। ये नॉर्मल है।
शैडोफैक्स की ग्रोथ स्टोरी अच्छी है। मार्च 2025 तक सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी 3PL कंपनी। ई-कॉमर्स शिपमेंट में शेयर 8% से बढ़कर 21% हो गया। रिवर्स पिकअप में मार्केट लीडर।
कंपनी का फोकस टेक्नोलॉजी पर है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से डिलीवरी ऑप्टिमाइज करती है। फर्स्ट माइल, लास्ट माइल, सॉर्ट सेंटर्स सब हैंडल।
क्लाइंट्स में बड़े नाम – फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, स्विगी, बिगबास्केट, जीतो, नियका, ब्लिंकिट। ये मजबूत नेटवर्क दिखाता है।
कंपनी हाइपरलोकल डिलीवरी में स्ट्रॉन्ग। 10-30 मिनट डिलीवरी पॉसिबल बनाती है।
आईपीओ से पहले GMP चेक करना अच्छा रहता है। लिस्टिंग गेन का आइडिया मिलता है। लेकिन GMP बदलता रहता है। रिस्क हमेशा रहता है।
कुल मिलाकर पार्ट 1 में हमने बेसिक डिटेल्स कवर कीं। अगले पार्ट में फाइनेंशियल्स और पैसे के इस्तेमाल पर बात करेंगे। 😊
शैडोफैक्स IPO की सबसे बड़ी ताकत कंपनी के फाइनेंशियल्स हैं। पिछले कुछ सालों में रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है। लॉस से प्रॉफिट में आई है। 🚀 ये लॉन्ग टर्म निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
कंपनी के फाइनेंशियल्स की पूरी डिटेल 📈
2023 में रेवेन्यू 1422 करोड़ था। 2024 में बढ़कर 1896 करोड़ हो गया। 2025 में 2514 करोड़ तक पहुंचा। ये करीब 33% की ग्रोथ दिखाता है। सितंबर 2025 तक हाफ ईयर में ही 1819 करोड़।
प्रॉफिट की बात करें तो 2023 में बड़ा लॉस था। 2024 में लॉस कम हुआ। 2025 में पहली बार 6 करोड़ प्रॉफिट। सितंबर 2025 में 21 करोड़ प्रॉफिट। टर्नअराउंड क्लियर है।
एसेट्स भी बढ़े हैं। 2023 में 442 करोड़। 2025 में 1259 करोड़। कंपनी एक्सपैंड कर रही है। नेटवर्क मजबूत हो रहा है।
| ईयर | रेवेन्यू (करोड़) | एक्सपेंस (करोड़) | प्रॉफिट/लॉस (करोड़) | एसेट्स (करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| 2023 | 1422 | 1565 | -143 | 442 |
| 2024 | 1896 | 1908 | -12 | 786 |
| 2025 | 2514 | 2508 | +6 | 1259 |
| सितंबर 2025 | 1819 | 1798 | +21 | 1453 |
EPS 0.13 रुपए है। NAV 13.83। RoNW 0.97%। अभी प्रॉफिट कम है इसलिए PE नहीं है। लेकिन ग्रोथ रेट हाई है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल स्केलेबल है। ज्यादा वॉल्यूम से मार्जिन बढ़ेगा। ई-कॉमर्स भारत में तेजी से बढ़ रहा है। क्विक कॉमर्स तो और तेज।
2025 में कंपनी प्रॉफिटेबल हो गई। ये बड़ा टर्निंग पॉइंट है। पहले लॉस बुक कर रही थी। अब पॉजिटिव कैश फ्लो की ओर।
रेवेन्यू ग्रोथ 30% से ज्यादा सालाना। ये सेक्टर एवरेज से बेहतर।
आईपीओ से आए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा? 💸
फ्रेश इश्यू के 1000 करोड़ का यूज प्लान्ड है। सबसे ज्यादा नेटवर्क इंफ्रा पर। नए सेंटर्स बनाने में।
करीब 423 करोड़ नेटवर्क एक्सपेंशन पर। फर्स्ट माइल, लास्ट माइल, सॉर्ट सेंटर्स के लिए। 139 करोड़ लीज पेमेंट्स पर। 89 करोड़ ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर। बाकी इनॉर्गेनिक ग्रोथ और जनरल पर्पज।
- नेटवर्क इंफ्रा: ₹423 करोड़ – नए सेंटर्स, टेक्नोलॉजी अपग्रेड
- लीज पेमेंट्स: ₹139 करोड़ – मौजूदा और नए सेंटर्स
- ब्रांडिंग: ₹89 करोड़ – एडवरटाइजिंग, प्रमोशन
- बाकी: एक्विजिशन और जनरल कॉर्पोरेट पर्पज
ये प्लान अच्छा लग रहा है। कंपनी अपना नेटवर्क और मजबूत करेगी। मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी। ब्रांडिंग से नए क्लाइंट्स आएंगे।
कंपनी का मार्केट शेयर जून 2025 तक 21% हो गया। पहले 8% था। रिवर्स पिकअप में नंबर 1। ये ग्रोथ जारी रहेगी तो वैल्यूएशन अच्छा जस्टिफाई होगा।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कंपटीशन है। डेल्हीवरी, ईकार्ट, ब्लू डार्ट जैसे प्लेयर्स। लेकिन शैडोफैक्स का फोकस हाइपरलोकल पर यूनिक है।
कंपनी टेक्नोलॉजी से कॉस्ट कम करती है। रूट ऑप्टिमाइजेशन, रियल टाइम ट्रैकिंग। ये एडवांटेज है।
पार्ट 2 में फाइनेंशियल्स और फंड यूज कवर किया। अगले पार्ट में रिव्यू और सलाह देखेंगे। 😊
शैडोफैक्स IPO लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा लग रहा है। लेकिन हर निवेश में रिस्क होता है। चलिए डिटेल में रिव्यू करते हैं। 📊 कंपनी की स्ट्रेंथ और विकनेस देखते हैं।
पीयर कंपैरिजन और वैल्यूएशन ⚖️
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डेल्हीवरी और ब्लू डार्ट मुख्य कंपटीटर हैं। ब्लू डार्ट का PE 50 से ऊपर। डेल्हीवरी का 195। शैडोफैक्स अभी प्रॉफिट कम होने से PE नहीं है।
लेकिन ग्रोथ रेट शैडोफैक्स की सबसे हाई है। मार्केट शेयर तेजी से बढ़ रहा है। वैल्यूएशन रीजनेबल लग सकता है अगर ग्रोथ जारी रही।
| कंपनी | EPS | PE रेशियो | RoNW (%) | रेवेन्यू (करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| ब्लू डार्ट | 106 | 50.7 | 17.25 | 5762 |
| डेल्हीवरी | 2.19 | 195 | 1.75 | 9372 |
| शैडोफैक्स (2025) | 0.13 | N/A | 0.97 | 2514 |
शैडोफैक्स छोटी है लेकिन ग्रोथ तेज। ब्लू डार्ट स्टेबल लेकिन स्लो ग्रोथ। डेल्हीवरी बड़ा लेकिन हाई वैल्यूएशन।
शैडोफैक्स का फोकस क्विक कॉमर्स पर। ये सेगमेंट सबसे तेज बढ़ रहा है। 10-30 मिनट डिलीवरी का फ्यूचर।
मार्केट शेयर 21% तक पहुंचा। आगे और बढ़ सकता है।
स्ट्रेंथ, विकनेस और रिस्क 🤔
स्ट्रेंथ – बड़े क्लाइंट्स, टेक ड्रिवेन मॉडल, हाई ग्रोथ, प्रॉफिट टर्नअराउंड।
विकनेस – अभी प्रॉफिट कम, डेट अगर हो तो चेक करें, कंपटीशन हाई।
रिस्क – ई-कॉमर्स स्लो डाउन, फ्यूल प्राइस बढ़ना, रेगुलेटरी चेंजेस।
- स्ट्रेंथ: मजबूत क्लाइंट बेस, टेक्नोलॉजी एडवांटेज, मार्केट लीडर रिवर्स पिकअप में
- विकनेस: कम मार्जिन अभी, स्केलिंग चैलेंज
- ऑपर्चुनिटी: क्विक कॉमर्स बूम, नए शहरों में एक्सपैंशन
- थ्रेट: डेल्हीवरी, ईकार्ट जैसे कंपटीटर्स, इकोनॉमिक स्लो डाउन
क्या अप्लाई करना चाहिए? सलाह 😊
लॉन्ग टर्म के लिए हां। 3-5 साल होल्ड करें तो अच्छा रिटर्न मिल सकता है। शॉर्ट टर्म में लिस्टिंग गेन डिपेंड करता है GMP पर।
रिटेल इन्वेस्टर्स अप्लाई करें। लेकिन पूरा पैसा न लगाएं। डाइवर्सिफाई करें।
अगर रिस्क ले सकते हैं और ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा है तो जरूर अप्लाई करें। 20 जनवरी से शुरू। मौका अच्छा है। गुड लक! 🌟
कुल मिलाकर शैडोफैक्स IPO एक्साइटिंग है। लॉजिस्टिक्स का फ्यूचर ब्राइट। कंपनी सही ट्रैक पर है।

