Digital Arrest Scam 2026: नकली पुलिस वीडियो कॉल से बचाव गाइड

0 Divya Chauhan
डिजिटल अरेस्ट स्कैम 2026 में नकली पुलिस वीडियो कॉल

रात के करीब 10 बजे फोन बजता है। वीडियो कॉल। स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी पहने एक आदमी दिखाई देता है। पीछे सरकारी ऑफिस जैसा बैकग्राउंड। वह गंभीर आवाज में कहता है – “आपका Aadhaar illegal activity में इस्तेमाल हुआ है। आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज है। अभी तुरंत सहयोग करें, वरना गिरफ्तारी होगी।”

डर के उस पल में व्यक्ति सोच भी नहीं पाता कि यह असली है या नकली। यहीं से शुरू होता है Digital Arrest Scam। 2026 में यह ठगी का सबसे खतरनाक और तेजी से फैलता तरीका बन चुका है।

Digital Arrest Scam Kya Hai? 📞

Digital Arrest Scam एक ऐसा साइबर फ्रॉड है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस, CBI या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराकर यह विश्वास दिलाते हैं कि वह किसी गंभीर अपराध में फंस गया है।

  • Fake police officer बनकर कॉल
  • Video call पर “virtual custody” दिखाना
  • डराने के लिए केस और जेल की धमकी
  • बैंक से तुरंत पैसा ट्रांसफर करने का दबाव

इसे “Digital Arrest” इसलिए कहा जाता है क्योंकि अपराधी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर घंटों रोके रखते हैं, जैसे वह हिरासत में हो।

⚠️ असली पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती।

Log Kaise Phas Rahe Hain? 🧠

सबसे बड़ा हथियार है डर। अपराधी पहले से कुछ व्यक्तिगत जानकारी रखते हैं – नाम, मोबाइल नंबर, कभी-कभी आधार के आखिरी अंक। इससे कॉल असली लगने लगता है।

  • Uniform और नकली आईडी कार्ड दिखाना
  • कहना कि आपका बैंक खाता संदिग्ध है
  • गोपनीय रखने की धमकी
  • कॉल रिकॉर्डिंग से ब्लैकमेल

लोग घबरा जाते हैं और तुरंत निर्देश मान लेते हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों ने लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

Digital Arrest Scam Ka Typical Pattern 📊

स्टेप क्या होता है
1 Video call, नकली अधिकारी
2 गंभीर अपराध का आरोप
3 डर और समय का दबाव
4 बैंक ट्रांसफर

यह पूरा खेल मनोवैज्ञानिक दबाव पर आधारित है। अपराधी चाहते हैं कि पीड़ित सोचने का समय न पाए।

याद रखें – कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती।

Digital Arrest Scam 2026 में इसलिए खतरनाक बन गया है क्योंकि इसमें तकनीक, मनोविज्ञान और डर – तीनों का इस्तेमाल होता है।

Digital Arrest Scam अब सिर्फ एक अफवाह नहीं रहा। 2025 और 2026 में देश के कई शहरों में इस तरह के मामले सामने आए हैं, जहां लोगों से लाखों रुपये ठगे गए। सबसे ज्यादा निशाना वरिष्ठ नागरिक और नौकरीपेशा लोग बने हैं।

अपराधी खुद को पुलिस, CBI या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और पीड़ित को यह यकीन दिलाते हैं कि वह किसी गंभीर अपराध में शामिल है।

2025–26 के कुछ सामने आए मामले 📍

दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में कई शिकायतें दर्ज हुईं। कुछ मामलों में पीड़ितों ने 5 लाख से 50 लाख रुपये तक गंवाए।

  • वरिष्ठ नागरिक से 18 लाख रुपये की ठगी
  • नौकरीपेशा व्यक्ति से 9 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए
  • महिला को वीडियो रिकॉर्डिंग से डराकर भुगतान कराया गया

अक्सर अपराधी कहते हैं कि मामला गोपनीय है और किसी को बताने पर तुरंत गिरफ्तारी होगी।

⚠️ यदि कोई आपको “तुरंत पैसे भेजो वरना जेल” कहे, तो समझिए यह ठगी है।

Red Flags – पहचान कैसे करें 🚩

Digital Arrest Scam की पहचान करना मुश्किल नहीं है, अगर आप कुछ संकेतों पर ध्यान दें।

  • पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती
  • कोई भी अधिकारी बैंक ट्रांसफर की मांग नहीं करता
  • “यह बात किसी को मत बताना” – यह सबसे बड़ा संकेत है
  • तुरंत निर्णय लेने का दबाव बनाया जाता है
  • डराने के लिए कानूनी शब्दों का इस्तेमाल

यदि कॉल के दौरान आपको घबराहट हो रही है और सामने वाला व्यक्ति लगातार धमकी दे रहा है, तो संभावना है कि यह साइबर ठगी है।

अपराधी कौन सी चालें चलते हैं? 🎭

चाल उद्देश्य
वर्दी और नकली बैकग्राउंड विश्वास बनाना
कानूनी धाराओं का नाम लेना डर पैदा करना
कॉल रिकॉर्डिंग की धमकी ब्लैकमेल
गोपनीय रखने को कहना अलग-थलग करना

इन सभी तरीकों का मकसद एक ही है – आपको सोचने का मौका न देना।

डर के कारण लिया गया निर्णय अक्सर गलत होता है।

सबसे ज्यादा कौन निशाने पर? 🎯

रिपोर्ट्स के अनुसार तीन वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं:

  • वरिष्ठ नागरिक
  • आईटी और कॉर्पोरेट कर्मचारी
  • विदेश में काम करने वाले परिवार सदस्य वाले लोग

इन लोगों के पास बचत होती है और वे कानूनी मामलों से डर जाते हैं।

Digital Arrest Scam इसलिए खतरनाक है क्योंकि यह तकनीकी से ज्यादा मानसिक हमला है।

Digital Arrest Scam से बचने का सबसे बड़ा तरीका है – घबराना नहीं। जैसे ही कोई वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, समझ लीजिए मामला संदिग्ध है। असली अधिकारी कभी भी फोन पर धनराशि ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहते।

अगर आपके साथ ऐसा कॉल हो, तो तुरंत नीचे दिए गए कदम उठाएँ। देरी नुकसान बढ़ा सकती है।

तुरंत क्या करें? 📌

  • कॉल तुरंत काट दें
  • कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
  • डराने वाली बातों पर प्रतिक्रिया न दें
  • परिवार के किसी सदस्य को तुरंत बताएं

⚠️ याद रखें – असली गिरफ्तारी प्रक्रिया कभी भी वीडियो कॉल पर नहीं होती।

1930 Cyber Helpline पर शिकायत कैसे करें 📞

यदि आपसे पैसे ट्रांसफर करवाए गए हैं या कोशिश की गई है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। यह राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर है।

इसके अलावा आप राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी ही संभावना है कि रकम रोकी जा सके।

कदम क्या करें
1 1930 पर तुरंत कॉल करें
2 बैंक को तुरंत सूचित करें
3 ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
4 सभी सबूत सुरक्षित रखें

Bank को तुरंत Inform क्यों करे? 🏦

यदि आपने गलती से पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। कई बार तुरंत सूचना देने पर लेनदेन को रोका जा सकता है।

देरी होने पर पैसा अलग-अलग खातों में बांट दिया जाता है, जिससे उसे वापस पाना मुश्किल हो जाता है।

तेज़ कार्रवाई नुकसान कम कर सकती है।

Future में कैसे बचे? 🛡️

  • किसी भी अनजान वीडियो कॉल को गंभीरता से जांचें
  • सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी सत्यापित करें
  • सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें
  • परिवार के बुजुर्गों को इस ठगी के बारे में समझाएं

अक्सर ठग पहले से सोशल मीडिया से जानकारी इकट्ठा करते हैं और उसी आधार पर कहानी गढ़ते हैं।

Common Confusion – Q&A शैली में समझें ❓

प्रश्न: अगर सामने वाला पुलिस की वर्दी में दिखे तो क्या करें?
उत्तर: वीडियो कॉल पर दिखाई गई वर्दी असली होने की गारंटी नहीं है। पहचान की पुष्टि आधिकारिक नंबर से करें।

प्रश्न: अगर उन्होंने मेरा Aadhaar नंबर बताया तो?
उत्तर: आधार के कुछ अंक कई जगह उपलब्ध हो सकते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं।

प्रश्न: क्या पुलिस कभी ऑनलाइन पूछताछ करती है?
उत्तर: सामान्य प्रक्रिया में आधिकारिक नोटिस भेजा जाता है, वीडियो कॉल पर पैसे नहीं मांगे जाते।

सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है।

समझने वाली बात 🧠

Digital Arrest Scam का असली आधार डर है। अपराधी जानते हैं कि कानून और जेल का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं। लेकिन सच यह है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन पर तुरंत पैसा नहीं मांगती।

डर से बड़ा कोई हथियार नहीं। इसलिए शांत रहें, जांचें और सही जगह शिकायत करें।

अगर हम सतर्क रहें और दूसरों को जागरूक करें, तो इस तरह के साइबर अपराध को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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