Fasting से Breast Cancer Treatment कैसे मजबूत होता है | नया वैज्ञानिक रहस्य 2025

0 Divya Chauhan
How fasting boosts breast cancer treatment

Breast cancer दुनिया में सबसे ज़्यादा पाए जाने वाले कैंसरों में से एक है। खासकर वह प्रकार जो oestrogen पर निर्भर करता है, यानी जिसकी वृद्धि शरीर में बने हार्मोन के प्रभाव से तेज होती है। ऐसे कैंसर के लिए सबसे आम इलाज endocrine therapy होती है, जिसमें दवाएँ oestrogen के प्रभाव को रोकती हैं। कई साल तक यह इलाज अच्छा काम करता है, लेकिन समय बीतने के साथ कुछ कोशिकाएँ बदल जाती हैं और दवाइयों की शक्ति कम पड़ने लगती है। इसी वजह से वैज्ञानिक नए रास्ते ढूँढ रहे हैं—कुछ ऐसा जो दवा के असर को और गहरा बना दे।

इसी खोज में एक विचार अब तेज़ी से महत्व पा रहा है—short fasting। यानी नियंत्रित समय का उपवास। शुरुआती अध्ययनों से संकेत मिला कि सीमित समय का उपवास कैंसर कोशिकाओं को अधिक संवेदनशील बना सकता है। इसका मतलब यह कि वही दवा अधिक अच्छा असर दिखाती है। हाल ही में एक बड़े शोध ने इस विचार को और मज़बूती दी है। इसमें पाया गया कि fasting कई हार्मोन और gene pathways को इस तरह बदल देता है कि कैंसर कोशिकाएँ इलाज के सामने कमजोर होने लगती हैं।

🔬 उपवास कैंसर उपचार को कैसे बदलता है?

पहली नज़र में ऐसा लगता है कि fasting सिर्फ भोजन न लेने से जुड़ा है, लेकिन असल में यह शरीर के अंदर कई जैविक प्रतिक्रियाएँ शुरू कर देता है। उपवास की अवस्था में शरीर ऊर्जा बचाने के लिए glucose और insulin का स्तर नीचे ले आता है। इस कमी का असर कैंसर कोशिकाओं पर बहुत गहरा होता है, क्योंकि वे अधिक ऊर्जा पर निर्भर रहती हैं। इसके अलावा, fasting शरीर के हार्मोन और gene expression में तेज परिवर्तन लाता है, जिससे दवाओं का प्रभाव बढ़ जाता है।

Fasting की वजह से शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया बदलती है—कोर्टिसोल बढ़ता है, insulin घटता है और कई genes नया व्यवहार अपनाते हैं। यह बदलाव कैंसर कोशिकाओं को कमजोर करता है। 🔍

🧬 Epigenome में बदलाव – उपचार को गहरा करने वाला प्रभाव

किसी भी कोशिका में genes तो वही रहते हैं, लेकिन उन्हें कब चालू या बंद करना है, यह epigenome तय करता है। Fasting के दौरान epigenome पर मौजूद markers बदल जाते हैं। ये markers कैंसर कोशिकाओं को ऐसे संकेत देते हैं कि वे अपनी तेज़ वृद्धि को धीमा करें। इसे एक तरह की "re-education" समझा जा सकता है—कैंसर कोशिका का स्वभाव थोड़ा बदलना।

जब epigenome बदलता है, तो endocrine therapy का असर बढ़ जाता है। वही दवा जो पहले आधा असर दिखाती थी, अब ज्यादा प्रभावी हो जाती है। यह बदलाव प्राकृतिक होता है और शरीर की गिरती ऊर्जा पर आधारित होता है।

Fasting के प्रभाव कैंसर पर असर
कम glucose स्तर कोशिकाएँ ऊर्जा खोती हैं
हार्मोन में परिवर्तन दवा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती
Epigenome बदलाव गति और वृद्धि धीमी

🧠 Glucocorticoid receptor – उपवास का सबसे महत्वपूर्ण संकेत

Fasting के दौरान शरीर में cortisol का स्तर बढ़ जाता है। यह cortisol कोशिकाओं में मौजूद glucocorticoid receptor को सक्रिय करता है। यह receptor एक स्विच की तरह है जो कई anti-tumour genes चालू कर देता है। सक्रिय होते ही कोशिका का व्यवहार बदल जाता है—वृद्धि कम हो जाती है और उपचार का असर बढ़ जाता है।

जब वैज्ञानिकों ने प्रयोग में glucocorticoid receptor को कैंसर कोशिकाओं से हटा दिया, तो fasting का असर गायब हो गया। इसका मतलब है कि यह receptor fasting के पूरे लाभ का मुख्य केंद्र है।

उपवास → cortisol बढ़ता है → glucocorticoid receptor सक्रिय → कई tumour-suppressing genes चालू। यह श्रृंखला उपचार को पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली बना देती है। ⚡

🌸 Progesterone receptor – शरीर की दूसरी सुरक्षा परत

Fasting सिर्फ glucocorticoid receptor ही नहीं, बल्कि progesterone receptor को भी सक्रिय करता है। इसका कारण उपवास के दौरान शरीर में progesterone स्तर का बढ़ना है। यह receptor breast cancer की कई प्रकारों में tumour growth को धीमा करता है।

अध्ययनों में पाया गया कि fasting-mimicking diet लेने वाले लोगों में progesterone भी बढ़ा और इस सक्रियता ने अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की। यानी शरीर में दो प्राकृतिक रास्ते बनते हैं—cortisol का रास्ता और progesterone का रास्ता। दोनों मिलकर कोशिकाओं को धीमा और अधिक संवेदनशील बनाते हैं।

🧪 जानवरों पर अध्ययन – fasting + therapy का असर

जब जानवरों पर tamoxifen के साथ fasting आज़माया गया, तो tumour आकार में बड़ी गिरावट देखी गई। यह बदलाव अकेले tamoxifen देने की तुलना में कहीं अधिक था। यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि दो प्राकृतिक प्रक्रियाएँ—दवा और उपवास—एक साथ मिलकर मजबूत असर कर सकती हैं।

इन प्रयोगों में यह भी देखा गया कि fasting tumour की वृद्धि को रोक देता है और कोशिकाओं को उपचार के सामने कमज़ोर कर देता है। यह संकेत देता है कि उपवास सीधे tumour biology पर असर डालता है।

Fasting कैसे breast cancer उपचार को मजबूत बनाता है, इसका दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा शरीर में बनने वाले हार्मोन और gene pathways का संतुलन है। उपवास के दौरान कोशिकाएँ ऊर्जा बचाने के मोड में चली जाती हैं। यह मोड सामान्य हालत से बिल्कुल अलग होता है। इस वजह से tumour की वृद्धि का प्राकृतिक ढांचा टूटने लगता है। दवाएँ इसी बदले हुए माहौल में अधिक असर दिखाती हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक fasting को एक तरह का biological reset कहने लगे हैं।

⚙️ Tumour epigenome पर fasting का असर

जब कोशिका का epigenome बदलता है, उसका असर व्यापक होता है। Fasting कई markers को सक्रिय या निष्क्रिय कर देता है। यह बदलाव कैंसर कोशिकाओं को सामान्य कोशिकाओं की तरह व्यवहार करवाने की कोशिश करता है। आनुवंशिक रूप से वही gene मौजूद हैं, लेकिन उनके चालू–बंद होने का समय बदल जाता है। यह परिवर्तन इलाज के लिए अनुकूल माहौल बनाता है।

कई markers जो tumour growth को बढ़ाते हैं, fasting के दौरान दब जाते हैं। वहीं ऐसे markers जो कोशिकाओं को शांत रहने का संकेत देते हैं, वे अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इस तरह tumour की “पहचान” कुछ हद तक बदल जाती है। यह बदलती पहचान endocrine therapy को अधिक प्रभावी बनाती है।

बदलाव प्रभाव
Gene कमी वृद्धि धीमी
Anti-tumour genes सक्रिय उपचार अधिक शक्तिशाली
Stress pathways सक्रिय कैंसर कोशिका कमजोर

🧠 Glucocorticoid receptor – सबसे बड़ा कारक

शोध की सबसे अहम खोज glucocorticoid receptor है। जब शरीर fasting में होता है, cortisol का स्तर बढ़ता है। यह हार्मोन सीधे इसी receptor को सक्रिय करता है। सक्रिय receptor कई tumour suppressing genes चालू कर देता है। इससे कैंसर कोशिकाएँ तेज वृद्धि नहीं कर पातीं।

इस receptor की भूमिका सिर्फ genes बदलने तक सीमित नहीं है। यह कोशिका के अंदर कई pathways को धीमा करता है—जैसे energy metabolism, protein बनना और cell cycle। जब ये तीनों धीमे पड़ जाते हैं, तो endocrine therapy का असर आसानी से बढ़ जाता है।

यदि glucocorticoid receptor हटा दिया जाए, fasting का लगभग पूरा लाभ खत्म हो जाता है। इसका मतलब है कि यह receptor ही दोनों प्रभावों के बीच पुल का काम कर रहा है। 🔗

🌡 AP-1 activity का कम होना

AP-1 एक protein समूह है जो कोशिका को विभाजन का संकेत देता है। जब यह समूह सक्रिय हो, tumour तेजी से बढ़ सकता है। Fasting इस समूह की गतिविधि को कम कर देता है। इसका सीधा असर यह होता है कि कोशिकाएँ बिना सोचे-समझे विभाजित नहीं होतीं। यह endocrine therapy को अधिक समय देता है कि वह कोशिका को रोक सके।

यानी एक तरफ glucocorticoid receptor tumour को शांत करता है, दूसरी तरफ AP-1 गतिविधि का गिरना वृद्धि की गति को धीमा करता है। दोनों प्रभाव मिलकर कोशिका को कमजोर स्थिति में ले जाते हैं।

💠 Progesterone receptor – एक अतिरिक्त सुरक्षा परत

शोध में यह भी पाया गया कि fasting progesterone hormone को बढ़ाता है। यह hormone progesterone receptor को सक्रिय करता है, जो breast cancer में growth को रोकने का काम करता है। खासकर estrogen receptor-positive tumour में इसका प्रभाव अधिक देखा गया।

Progesterone receptor कई genes को इस तरह चालू करता है कि कोशिका की वृद्धि नियंत्रित हो जाए और वह endocrine therapy के प्रभाव के लिए अधिक तैयार हो। यह बदलाव natural है और भोजन न लेने की अवस्था में शरीर में स्वाभाविक रूप से शुरू होता है।

🧪 मानव अध्ययनों में fasting mimicking diet

मानव अध्ययन में मरीजों को fasting-mimicking diet दी गई—एक ऐसा भोजन पैटर्न जो शरीर को उपवास जैसी अवस्था का संकेत देता है। यह diet सामान्य उपवास जितना कठिन भी नहीं होता। इस diet के बाद मरीजों के खून में cortisol और progesterone का स्तर बढ़ा।

Tumour tissue की biopsy में पाया गया कि glucocorticoid receptor अधिक सक्रिय हुआ और cell division markers कम हुए। यह सिद्ध करता है कि fasting या fasting जैसा खाद्य पैटर्न सीधे tumour biology को बदल सकता है।

Fasting-mimicking diet दिखाता है कि बिना कठिन उपवास के भी शरीर में वही परिवर्तन लाए जा सकते हैं—जो दवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं। 🌿

💊 क्या fasting के बिना भी लाभ संभव है?

सबसे चौंकाने वाली खोज यह है कि fasting के लाभों को बिना fasting के भी पाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने dexamethasone नामक steroid का उपयोग किया, जो glucocorticoid hormone जैसा काम करता है।

जब इस steroid को tamoxifen के साथ दिया गया, तो tumour में वही परिवर्तन देखे गए जो fasting के दौरान मिलते हैं—gene pathways बदले, receptor सक्रिय हुए और tumour का आकार कम हुआ।

  • Dexamethasone ने glucocorticoid receptor को सक्रिय किया
  • Endocrine therapy का असर बढ़ा
  • Tumour का आकार तेजी से कम हुआ
  • असर इलाज बंद होने के बाद भी दिखा

यह खोज महत्वपूर्ण है क्योंकि कई मरीजों के लिए लंबा उपवास कठिन होता है। यदि दवा से वही प्रभाव मिल सके, तो यह उपचार को अधिक सरल बना देगा।

🧬 Immune system पर असर

Steroid दवाओं के बारे में आम धारणा है कि वे immune system को धीमा करती हैं। लेकिन इस शोध में पाया गया कि नियंत्रित मात्रा में steroid देने पर immune system संतुलित रहा—न बहुत ज्यादा सक्रिय, न बहुत कमजोर।

खास बात यह थी कि PD-L1 markers कम हुए, जो सामान्यतः tumour की प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता बढ़ाते हैं। यानी steroid + endocrine therapy संयोजन दो दिशाओं से tumour को कमजोर कर सकता है।

Fasting breast cancer उपचार में किस तरह मदद कर सकता है, यह समझना सिर्फ विज्ञान का विषय नहीं बल्कि मरीजों के लिए एक नई उम्मीद भी बन रहा है। Endocrine therapy कई साल तक प्रभावी रहती है, लेकिन समय के साथ resistance विकसित हो जाता है। यही वह स्थिति है जहाँ fasting और उससे जुड़े हार्मोनल बदलाव उपचार को नई दिशा दे सकते हैं। पिछले अध्ययनों और हालिया शोध मिलकर यह संकेत देते हैं कि उपचार की क्षमता को केवल दवाओं पर निर्भर नहीं रखना चाहिए बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रियाओं को भी साथ मिलाया जा सकता है।

🌿 क्या fasting एक सुरक्षित सहायक रणनीति बन सकता है?

जैसे-जैसे वैज्ञानिक fasting की प्रक्रियाओं को समझते जा रहे हैं, यह स्पष्ट हो रहा है कि इसका असर केवल ऊर्जा घटने तक सीमित नहीं है। यह कोशिका के व्यवहार, हार्मोन स्तर, gene activation और tumour की वृद्धि—सभी पर गहरा प्रभाव डालता है। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ अब fasting को supportive approach के रूप में देख रहे हैं, न कि मुख्य उपचार की जगह।

मरीजों में fasting-mimicking diet का परिणाम यह बताता है कि यह तरीका व्यावहारिक भी है और अपेक्षाकृत सुरक्षित भी, क्योंकि इसमें शरीर को पूरी तरह भूखा नहीं रहना पड़ता। इस diet से हार्मोन स्तर में वही बदलाव देखे गए जो वास्तविक उपवास में होते हैं।

उपवास–जैसी diet से भी glucocorticoid receptor सक्रिय होकर वही anti-tumour प्रभाव शुरू करता है, जो सीधे fasting में मिलता है। यही शोध को और मजबूत बनाता है। 🌸

💬 भारत में कैंसर और जीवनशैली की भूमिका

भारत में breast cancer के मामले पिछले वर्षों में तेज़ी से बढ़े हैं। जीवनशैली, भोजन की आदतें, हार्मोन परिवर्तन और देरी से जांच—ये सभी कारण स्थिति को गंभीर बनाते हैं। ऐसे संदर्भ में fasting शोध एक महत्वपूर्ण संकेत देता है कि शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाएँ भी कुछ हद तक tumour को चुनौती दे सकती हैं।

कैंसर के विभिन्न रूपों पर एक विस्तृत नजर इस रिपोर्ट में भी मिलती है, जहाँ breast, lung और colon कैंसर के बारे में समझ बढ़ाई गई है: कैंसर की सच्चाई – विस्तृत जानकारी

भारत में महिलाओं में chronic बीमारियों की स्थिति को देखें, तो यह शोध और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि हार्मोन–संबंधित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी यहाँ अध्ययन की जा सकती है: महिलाओं पर chronic बीमारी का असर

💊 क्या fasting की जगह कोई दवा दी जा सकती है?

सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि fasting के लाभों को बिना fasting किए भी पाया जा सकता है। Dexamethasone जैसे steroids glucocorticoid receptor को सक्रिय कर सकते हैं और वही molecular बदलाव शुरू कर सकते हैं जो fasting के दौरान मिलते हैं।

इसका मतलब यह है कि भविष्य में उपचार इस तरह से डिज़ाइन किया जा सकता है कि मरीजों को कठिन fasting की आवश्यकता ही न पड़े। ये दवाएँ नियंत्रित मात्रा में दी जाएँ तो उनका प्रभाव अधिक हो सकता है और दुष्प्रभाव कम।

Steroid आधारित उपचार में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहेगा। लेकिन शुरुआती परिणाम बताते हैं कि नियंत्रित मात्रा में इनका संतुलित immune प्रभाव मिलता है। यह भविष्य की थेरेपी का मार्ग खोलता है। 🌿

⚕️ Hormone receptors और भविष्य का उपचार मॉडल

Breast cancer, विशेषकर hormone receptor-positive प्रकार, अपने उपचार में receptors पर निर्भर रहता है। जब fasting glucocorticoid receptor और progesterone receptor दोनों को सक्रिय करता है, तो tumour कोशिकाएँ एक ऐसे मोड में आ जाती हैं जहाँ उपचार का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

इस शोध से यह भी पता चलता है कि उपचार को केवल estrogen receptor को रोकने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन pathways पर भी ध्यान देना चाहिए जो कोशिका की वृद्धि को धीमा कर सकते हैं। यह सोच आने वाले वर्षों में उपचार को अधिक personalized बना सकती है।

🌱 भविष्य की clinical trial दिशा

अब सबसे महत्वपूर्ण कदम clinical trials हैं। इनमें यह देखा जाएगा कि fasting या steroid आधारित fasting-mimicking approach वास्तविक मरीजों पर कितने सुरक्षित और प्रभावी हैं। यदि ये तरीके endocrine therapy को लंबा समय तक असरदार बनाए रखें, तो breast cancer के उपचार में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।

  • हार्मोन गतिविधि का सटीक नियंत्रण
  • Gene pathways की गहन जाँच
  • दुष्प्रभावों की सुरक्षा
  • मरीजों की अनुकूलता और comfort

दिल्ली में hepatitis और अन्य संक्रामक रोगों के अध्ययन की तरह, यहां भी जीवनशैली हस्तक्षेपों का महत्व बढ़ रहा है। संबंधित जानकारी यहाँ मिलती है: दिल्ली में हेपेटाइटिस नियंत्रण

🏁 निष्कर्ष – fasting एक प्राकृतिक सहायक चिकित्सा

Fasting breast cancer उपचार को सीधे प्रभावित करता है—हार्मोन स्तर बदलता है, gene pathways बदलती हैं और tumour कोशिकाओं की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। Glucocorticoid receptor और progesterone receptor दोनों इस प्रक्रिया के मुख्य स्तंभ हैं।

यदि controlled fasting, fasting-mimicking diets या steroid आधारित mimicry सुरक्षित साबित होती है, तो आने वाले समय में endocrine therapy और भी अधिक प्रभावी हो सकती है। यह शोध एक नया रास्ता खोलता है—ऐसा रास्ता जहाँ शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाएँ और आधुनिक चिकित्सा मिलकर बेहतर परिणाम दे सकती हैं।

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